-Friday World March 13,2026
मिडिल ईस्ट में इज़राइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब समुद्री मार्गों तक पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ – दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक गलियारों में से एक – अब खतरे की चपेट में आ गया है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं और यूरोपीय, अमेरिकी तथा उनके सहयोगी देशों के जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को गुजरात के कच्छ जिले के कंडला और मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहे दो बड़े कार्गो जहाजों पर मिसाइल हमले हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
थाईलैंड का 'मयूरी नारी' जहाज: कंडला की ओर बढ़ते हुए दो मिसाइलों का शिकार यूएई के खलीफा पोर्ट से कंडला पोर्ट के लिए रवाना हुआ थाई ध्वज वाला कार्गो जहाज **मयूरी नारी** बुधवार को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के नजदीक दो मिसाइल हमलों का शिकार बन गया।
→ रॉयल थाई नेवी ने आधिकारिक बयान में कहा कि जहाज यूएई से निकलने के कुछ समय बाद ही हमला हुआ।
→ दोनों मिसाइलें जहाज की वॉटरलाइन पर लगीं, जिससे जहाज के पिछले हिस्से और इंजन रूम में धमाके हुए और आग लग गई।
→ आग इतनी भयंकर थी कि स्थिति गंभीर हो गई, लेकिन अच्छी खबर यह रही कि आग पर काबू पा लिया गया।
→ ओमान नेवी ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
→ कुल 23 क्रू मेंबर्स में से 20 को सुरक्षित बचाया गया, जबकि 2-3 सदस्य लापता बताए जा रहे हैं।
→ जहाज की पहचान इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के नंबर से की गई। यह जहाज कंडला पोर्ट पर बर्थिंग के लिए तैयार था और इसमें 18 हजार टन नॉन-बासमती चावल लोड था, जो मोज़ाम्बिक के लिए निर्यात होने वाला था। हमले के कारण इस शिपमेंट में 5-6 दिनों का विलंब हो गया है। अब दूसरा जहाज बुक करना पड़ेगा, जिससे शिपिंग चार्जेस में भारी बढ़ोतरी होगी।
जापान का 'वन मैजेस्टी' जहाज: मुंद्रा की ओर बढ़ते हुए 10 सेमी का छेद दूसरे हमले में जेबेल अली से मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा जापानी कंटेनर जहाज **वन मैजेस्टी** (Mitsui O.S.K. Lines और Ocean Network Express द्वारा संचालित) भी निशाना बना।
→ हमला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ से मात्र 97 किलोमीटर दूर हुआ।
→ वेसल ट्रैकर डॉट कॉम के अनुसार जहाज में 10 सेंटीमीटर का छेद हो गया।
→ जहाज में पानी भरने, आग लगने या ऑयल लीक जैसी कोई गंभीर समस्या नहीं आई।
→ सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं और जहाज को सुरक्षित लंगर करा दिया गया।
→ कंपनी ने संबंधित पक्षों के साथ मिलकर हमले के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
ईरान का सख्त रुख: हॉर्मुज़ स्ट्रेट में प्रतिबंध और हमले ईरान ने इज़राइल-अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है।
→ इस जलडमरूमध्य से दुनिया का 20-25% तेल और बड़ा हिस्सा व्यापारिक माल गुजरता है।
→ ईरान ने घोषणा की है कि अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों को निशाना बनाया जाएगा।
→ अमेरिकी नेवी ने चार जहाजों को हॉर्मुज़ से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन ईरान ने उन पर हमला कर दिया।
→ इनमें से एक जहाज कंडला पोर्ट के लिए था।
गुजरात पर असर: चावल निर्यात में बड़ा झटका, आयात-निर्यात पर मंडराता संकट गांधीधाम से मिली जानकारी के अनुसार:
→ मयूरी नारी जहाज में 18 हजार टन चावल था, जो मोज़ाम्बिक जा रहा था।
→ हमले के कारण निर्यात में देरी हुई है।
→ नए जहाज की बुकिंग में 5-6 दिन लगेंगे।
→ शिपिंग रेट्स में भारी उछाल आएगा, जिससे आयातक-निर्यातकों को आर्थिक नुकसान होगा।
→ खास बात यह कि इस जहाज के मालिक आयरलैंड स्थित क्रिशियर्स शिपिंग कंपनी के हैं, जिनके मालिक किरिट शाह कच्छ के मूल निवासी हैं।
वैश्विक व्यापार पर खतरा: हॉर्मुज़ बंद होने की आशंका
हॉर्मुज़ स्ट्रेट अगर पूरी तरह बंद हो गया तो:
तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
भारत जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस और अन्य आयातित वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे।
कंडला और मुंद्रा जैसे बड़े बंदरगाहों पर जहाजों का आवागमन प्रभावित होगा।
पहले से ही गैस की कमी से डेयरी, सिरेमिक और अन्य उद्योग प्रभावित हैं, अब समुद्री मार्ग भी खतरे में है।
यह घटना साफ दिखाती है कि मिडिल ईस्ट का युद्ध अब सिर्फ स्थानीय नहीं रहा – यह वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित कर रहा है। गुजरात के निर्यातकों, खासकर कच्छ क्षेत्र के व्यापारियों के लिए यह बड़ा झटका है। स्थिति पर नजर रखनी होगी, क्योंकि अगर ईरान का रुख और सख्त हुआ तो समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद हो सकता है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 13,2026