-Friday World March 14,2026
11 मार्च 2026 को इराक के बसरा के निकट खोर अल-ज़ुबैर पोर्ट के पास एक बड़ा maritime हमला हुआ, जिसमें अमेरिकी मालिकाना हक वाला क्रूड ऑयल टैंकर 'सेफसी विष्णु' (Safesea Vishnu) लक्ष्य बना।** मार्शल आइलैंड्स के ध्वज तले चलने वाले इस जहाज पर विस्फोटक से लदी एक छोटी स्पीडबोट (संभावित 'suicide' या unmanned boat) ने टक्कर मारी, जिससे जहाज में आग लग गई। इस हमले में जहाज पर सवार 16 भारतीय क्रू सदस्यों में से एक की मौत हो गई, जबकि बाकी 15 को सुरक्षित निकालकर बसरा में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
भारत के बगदाद दूतावास ने X (पूर्व ट्विटर) पर जारी बयान में पुष्टि की: "11 मार्च 2026 को बसरा के पास अमेरिकी मालिकाना वाला क्रूड ऑयल टैंकर सेफसी विष्णु (मार्शल आइलैंड्स फ्लैग) पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय क्रू सदस्य की दुखद मौत हो गई। बाकी 15 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। दूतावास इराकी अधिकारियों और बचाए गए नाविकों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।" दूतावास ने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी जताई।
हमले का स्वरूप और संदर्भ प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, हमला शिप-टू-शिप (STS) लोडिंग ऑपरेशन के दौरान हुआ, जब टैंकर इराकी जलक्षेत्र में था। जहाज पर लगभग 48,000 मीट्रिक टन नैफ्था (naphtha) लोड था। कई स्रोतों (जैसे Reuters, Al Jazeera, Times of India) ने इसे ईरान से जुड़े explosive-laden boat या underwater drone हमले के रूप में वर्णित किया है। एक अन्य माल्टा-फ्लैग्ड टैंकर 'ज़ेफिरोस' (Zefyros) भी उसी समय क्षेत्र में हमले का शिकार हुआ, जिससे दो टैंकरों में आग लग गई। इराकी पोर्ट अधिकारियों ने इसे sabotage बताया, लेकिन किसी ग्रुप ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली।
यह घटना अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान युद्ध के बीच हुई, जो फरवरी 2026 के अंत से चल रहा है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों, तेल सुविधाओं और क्षेत्रीय सहयोगियों पर मिसाइल-ड्रोन हमले तेज किए हैं। इराक में अमेरिकी दूतावास और ठिकानों पर ड्रोन हमले हो चुके हैं, लेकिन यह पहला बड़ा हमला था जो कमर्शियल शिपिंग को सीधे प्रभावित कर रहा है। ईरान की IRGC ने पहले कहा था कि "एक लीटर तेल भी होर्मुज़ स्ट्रेट से नहीं गुजरेगा" जब तक हमले जारी हैं।
भारतीय नाविक की पहचान और प्रभाव मृतक भारतीय नाविक की पहचान देवानंदन प्रसाद सिंह के रूप में हुई है, जो मुंबई के कांदिवली ईस्ट से थे और टैंकर पर एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर थे। Directorate General of Shipping (मुंबई) और भारतीय दूतावास ने रेस्क्यू ऑपरेशन में इराकी कोस्ट गार्ड के साथ समन्वय किया। कुल क्रू में 16 भारतीय और अन्य फिलीपींस के सदस्य शामिल थे। सभी बचाए गए नाविकों को मेडिकल चेकअप के बाद सुरक्षित रखा गया है।
यह घटना भारतीय merchant navy के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े seafarer सप्लायर देशों में से एक है। ऐसे हमलों से ग्लोबल शिपिंग रूट्स (खासकर Persian Gulf और Strait of Hormuz) पर खतरा बढ़ गया है, जिससे ऑयल प्राइसेज में उछाल आ सकता है और भारत जैसे आयात-निर्भर देश प्रभावित हो सकते हैं।
अरब देशों में प्रतिक्रिया: 'दादागिरी' के खिलाफ खुशी? कई अरब देशों (खासकर गल्फ स्टेट्स) में सोशल मीडिया और लोकल चर्चाओं में इस हमले को लेकर मिश्रित लेकिन कुछ हद तक 'संतुष्टि' की भावना दिख रही है। ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों को कई लोग अमेरिकी 'दादागिरी', गैर-कानूनी ऑयल ट्रेडिंग और सैन्य अड्डों के खिलाफ 'जवाब' मान रहे हैं। उदाहरण के लिए:
- कुछ यूजर्स ने लिखा कि "अमेरिका और इज़राइल के हमलों का बदला ईरान ले रहा है, जो क्षेत्रीय संप्रभुता के लिए अच्छा है।"
- अरब मीडिया और सोशल हैंडल्स पर कमेंट्स में "अमेरिकी अड्डे और तेल जहाज अब सुरक्षित नहीं" जैसे वाक्य आम हैं।
- इराक, लेबनान और यमन जैसे देशों में ईरान-सपोर्टेड ग्रुप्स को 'प्रतिरोध' के रूप में देखा जा रहा है।
यह भावना इसलिए है क्योंकि कई अरब राष्ट्र अमेरिकी सैन्य मौजूदगी से थक चुके हैं, जो उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करती है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर इराक ने हमले की निंदा की और कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है।
क्षेत्रीय तनाव और आगे क्या? यह हमला US-Israel-Iran युद्ध का हिस्सा लगता है, जहां ईरान ने retaliatory strikes तेज किए हैं। गल्फ में shipping insurance premiums बढ़ गए हैं, और कई कंपनियां रूट्स बदल रही हैं। भारत ने merchant ships को अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा उपाय बढ़ाए हैं।
दुनिया की नजरें अब Strait of Hormuz पर हैं, जहां से ग्लोबल ऑयल का 20% गुजरता है। अगर ईरान ने blockade की धमकी पूरी की, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।
यह घटना याद दिलाती है कि geopolitical tensions कितनी आसानी से आम नागरिकों—जैसे भारतीय seafarer—को प्रभावित करती हैं। मृतक नाविक के परिवार को न्याय और सहायता मिलनी चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को maritime security मजबूत करनी होगी।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 14,2026