Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Tuesday, 22 September 2026

मुंबई में टिफिन पर तालाबंदी? डब्बे में मेथी लाया तो 50 रुपये का जुर्माना! मीरा-भायंदर के स्कूल में पर्युषण के नाम पर क्या हुआ?

मुंबई में टिफिन पर तालाबंदी? डब्बे में मेथी लाया तो 50 रुपये का जुर्माना! मीरा-भायंदर के स्कूल में पर्युषण के नाम पर क्या हुआ?
- Friday World September 22,2026 
महाराष्ट्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर माता-पिता को सोचने पर मजबूर कर दिया है। भायंदर के एक नामी स्कूल में एक बच्चे ने लंच बॉक्स में सिर्फ इसलिए मेथी की भाजी ला दी, क्योंकि वह उसकी पसंदीदा सब्जी है। आरोप है कि स्कूल ने उस मासूम छात्र पर 50 रुपये का जुर्माना लगा दिया और उसका डब्बा तक खाने नहीं दिया।

सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैली। कुछ लोगों ने तो यहां तक लिख दिया कि दोबारा ऐसा किया तो चाबुक से मारा जाएगा, लेकिन जांच में यह बात पूरी तरह अफवाह निकली।

पूरा मामला क्या है?

यह मामला है मीरा-भायंदर के तपोवन विद्यालय का। यह स्कूल भाजपा के पूर्व आमदार नरेंद्र मेहता के एजुकेशन ग्रुप से जुड़ा हुआ माना जाता है।

स्कूल में जैन समुदाय के छात्र बड़ी संख्या में पढ़ते हैं। स्कूल प्रशासन का कहना है कि एडमिशन के समय ही पेरेंट्स को बताया जाता है कि पर्युषण पर्व के 8-10 दिनों के दौरान बच्चों के टिफिन में कंदमूल वाली सब्जियां जैसे प्याज, लहसुन, आलू, गाजर, चुकंदर और मांसाहार न भेजें। जैन धर्म में पर्युषण के दौरान कंदमूल का त्याग किया जाता है।

इस बार हद तब हो गई जब एक बच्चे के टिफिन में मेथी की भाजी देखकर उस पर जुर्माना लगा दिया गया। मेथी तो पत्तेदार सब्जी है, वह कंदमूल में आती ही नहीं है। इसी बात पर विवाद खड़ा हो गया कि क्या मेथी जैसी सामान्य हरी सब्जी पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है?

बताया जा रहा है कि बच्चे को दिन भर भूखा रहना पड़ा क्योंकि उसकी भाजी का डब्बा जब्त कर लिया गया।

यह पहली बार नहीं है

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पर्युषण के दौरान आलू, प्याज लाने पर बच्चों से 50 रुपये वसूले जाने की शिकायतें आई थीं। लेकिन इस बार मेथी पर बैन लगने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

प्रशासन की एंट्री और नोटिस

मामला बढ़ता देख महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के पदाधिकारी रॉबर्ट डिसूजा ने मीरा-भायंदर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग में लिखित शिकायत की। उन्होंने कहा कि यह बच्चों पर एक विशेष तरह का खान-पान थोपने जैसा है और यह शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मनपा की शिक्षा अधिकारी सुलभा वतारे ने 17 सितंबर को तपोवन विद्यालय को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है। नोटिस में साफ लिखा है:

> स्कूल छात्रों के खाने पर इस तरह की पाबंदी नहीं लगा सकता। किसी विशेष खाद्य पदार्थ लाने पर जुर्माना वसूलना बेहद गंभीर मामला है और यह RTE कानून और छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

अभी तक स्कूल प्रबंधन की तरफ से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। NDTV और TV9 की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन जवाब नहीं मिला।

सवाल जो उठ रहे हैं

1. क्या कोई प्राइवेट स्कूल धार्मिक परंपरा के नाम पर बच्चों के टिफिन में क्या होगा, यह तय कर सकता है?
2. क्या गरीब या मध्यम वर्ग के परिवार के लिए रोज-रोज जैन मेनू के हिसाब से खाना बनाना संभव है?
3. अगर मेथी पर बैन है, तो कल पालक, चौलाई और दूसरी हरी सब्जियों पर भी बैन लगेगा क्या?

स्कूल का काम ज्ञान देना है, थाली तय करना नहीं। पर्युषण पर्व का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन सम्मान थोपने से नहीं, समझाने से आता है। एक बच्चे को उसकी माँ के हाथ की मेथी की भाजी खाने से रोकना कहाँ तक उचित है, यह सवाल आज पूरे महाराष्ट्र में पूछा जा रहा है।

फिलहाल मनपा के नोटिस के बाद सभी की नजर स्कूल के जवाब पर टिकी है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World September 22,2026 

#MumbaiNews #Bhayandar #TapovanVidyalaya #TiffinControversy #Paryushan #RightToFood #MNS #MaharashtraNews #SchoolFine #FoodFreedom