-Friday World September 22,2026
ट्रम्प और उनकी टोली को मिलने वाला हर एक वोट सिर्फ एक राजनीतिक पसंद नहीं है। यह अमरीकी अवाम की रोजी-रोटी, किराया, दवा और बच्चों की पढ़ाई पर सीधा हमला है। आंकड़े और नीतियां गवाह हैं कि जब-जब ट्रम्प की सत्ता आई है, वॉल स्ट्रीट के चार्ट ऊपर गए हैं और मेन स्ट्रीट के घरों में राशन कम हुआ है।
1. टैक्स कट का झूठ: अमीरों को छूट, गरीबों को लूट
ट्रम्प की सबसे बड़ी नीति 2017 का टैक्स कट एंड जॉब्स एक्ट थी। इसे मध्यम वर्ग के लिए बताया गया। हकीकत में क्या हुआ? कांग्रेसनल बजट ऑफिस के अनुसार इस कानून के 83% फायदे सबसे अमीर 1% लोगों को गए।
कॉर्पोरेट टैक्स 35% से घटाकर 21% कर दिया गया। कंपनियों ने उस पैसे से नई नौकरियां नहीं बनाईं, बल्कि 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के अपने ही शेयर वापस खरीद लिए। शेयर होल्डर अमीर हुआ, मजदूर वहीं का वहीं रहा।
और इसकी भरपाई कैसे हुई? उसी बजट से सोशल सिक्योरिटी, मेडिकेड, फूड स्टाम्प (SNAP) और पब्लिक हाउसिंग के बजट में कटौती का प्रस्ताव लाया गया। मतलब, अमीर को छूट दो और गरीब की थाली से पैसा निकालो। ट्रम्प को वोट का सीधा गणित यही है।
2. स्वास्थ्य नहीं तो गरीबी पक्की
अमरीका में गरीब होने की सबसे तेज़ राह है - एक बार बीमार पड़ जाना। ट्रम्प टोली ने अपने पूरे कार्यकाल में ओबामाकेयर (Affordable Care Act) को खत्म करने की कोशिश की।
अगर ओबामाकेयर हटता तो 3 करोड़ से ज्यादा अमरीकी रातों-रात बिना हेल्थ इंश्योरेंस के हो जाते। और जो सबसे ज्यादा प्रभावित होते? वही कम वेतन वाले मजदूर, अकेली माताएं, और छोटे शहरों के गोरे-काले मजदूर जो ट्रम्प के सबसे बड़े वोटर हैं।
एक मेडिकल बिल से दिवालिया होने वाला अमरीका, ट्रम्प की नीति में फीचर है, बग नहीं। जब इंश्योरेंस कंपनियों को मनमानी छूट मिलती है, तो गरीब इमरजेंसी रूम को ही अपना डॉक्टर मान लेता है।
3. महंगाई का बम और वेतन का सूखा
ट्रम्प कहते हैं - टैरिफ लगाओ, अमरीका को बचाओ। चीन, मैक्सिको, कनाडा पर टैरिफ का नतीजा क्या निकला? अर्थशास्त्रियों ने बताया कि टैरिफ एक टैक्स है जो अमरीकी आयातक नहीं, अमरीकी उपभोक्ता भरता है।
वॉलमार्ट, टारगेट में कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स, खाने का सामान 15-25% तक महंगा हुआ। इसका सबसे ज्यादा बोझ किस पर पड़ा? उस परिवार पर जो अपनी आय का 90% खर्च कर देता है, न कि उस अरबपति पर जो 10% ही खर्च करता है।
दूसरी तरफ फेडरल मिनिमम वेज 2009 से $7.25 पर अटका है। ट्रम्प टोली ने इसे $15 करने के हर प्रस्ताव को समाजवाद कहकर रोक दिया। आज अमरीका में एक फुल-टाइम मिनिमम वेज वर्कर भी दो बेडरूम का अपार्टमेंट किसी भी राज्य में अफोर्ड नहीं कर सकता। यही वजह है कि फोटो में दिख रहा बोर्ड सच है - RENT $2200, WAGES $13/HR।
4. घर बेघर का सपना
आज अमरीका में 6.5 लाख से ज्यादा लोग हर रात फुटपाथ, टेंट और कार में सोते हैं। ट्रम्प की हाउसिंग नीति क्या थी? पब्लिक हाउसिंग फंड में 15% की कटौती और "वर्क रिक्वायरमेंट" के नाम पर गरीब बुजुर्गों और दिव्यांगों को भी घर से निकालने की धमकी।
जब अरबपतियों को सेकंड और थर्ड घर खरीदने पर टैक्स में छूट मिलती है, और पहली बार घर खरीदने वाले युवा को 8% होम लोन ब्याज देना पड़ता है, तो समझ लीजिए वोट किसकी जेब भर रहा है।
वोट अमीरों को, कीमत गरीबों को
ट्रम्प और उनकी टोली की पूरी राजनीति एक ही फॉर्मूले पर चलती है - सांस्कृतिक गुस्सा फैलाओ, आर्थिक लूट छुपाओ। बंदूक, धर्म, बॉर्डर और नफरत के मुद्दों पर वोट लो, और सत्ता में आकर अरबपति कैबिनेट बनाकर मजदूरों के हक काट दो।
इसलिए ट्रम्प को मिलने वाला हर वोट अमरीकी अवाम में गरीबी को एक इंच और गहरा और एक मील और व्यापक बनाता है। यह वोट वॉल स्ट्रीट को शैंपेन पिलाता है और मेन स्ट्रीट को फूड बैंक की लाइन में खड़ा करता है।
अमरीका का गरीब आज सिर्फ पैसे से गरीब नहीं हो रहा, वह उम्मीद से भी गरीब हो रहा है। और यही सबसे खतरनाक गरीबी है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World September 22,2026
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