- Friday World September 30,2026
नयी दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट दिया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील जल क्षेत्र में भारत के हितों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
जाएसवाल ने बताया कि फिलहाल फारस की खाड़ी में, होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में, भारत के झंडे वाले छह वाणिज्यिक जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा छह विदेशी झंडे वाले जहाज भी हैं जो भारत के लिए माल लेकर जा रहे हैं। इस तरह कुल 12 जहाज इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस जल क्षेत्र में विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक कार्यरत हैं। नौवहन मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रख रहा है और नाविकों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए दूतावासों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय बनाए हुए है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े समुद्री कर्मियों वाले देशों में से एक है। भारतीय नाविक वैश्विक शिपिंग उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फारस की खाड़ी भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार का अहम मार्ग है। कच्चा तेल, एलपीजी और अन्य आवश्यक सामान का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर जहाजों और नाविकों की सुरक्षा चिंता का विषय बन जाती है, इसलिए सरकार निरंतर निगरानी रखती है।
विदेश मंत्रालय और नौवहन मंत्रालय दोनों मिलकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। भारतीय मिशन क्षेत्र में मौजूद नाविकों से संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराते हैं। जायसवाल ने दोहराया कि सरकार भारतीय समुद्री समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह अपडेट ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्रों में वाणिज्यिक शिपिंग पर प्रभाव पड़ रहा है। भारत ने बार-बार जोर दिया है कि नागरिक जहाजों और नाविकों को किसी भी संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। राजनयिक स्तर पर भी भारत संबंधित देशों से बातचीत जारी रखे हुए है ताकि सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
भारतीय नाविकों की बड़ी संख्या इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक समुद्री व्यापार में कितना महत्वपूर्ण योगदान देता है। उनकी सुरक्षा न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि राष्ट्रीय हित से जुड़ी है। सरकार की तरफ से नियमित अपडेट और निगरानी से यह स्पष्ट होता है कि संकट की स्थिति में भी भारतीय हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
फारस की खाड़ी में मौजूद ये 12 जहाज और हजारों नाविक भारत की समुद्री शक्ति और व्यापारिक निर्भरता दोनों को दर्शाते हैं। नौवहन मंत्रालय की निरंतर निगरानी और विदेश मंत्रालय का सक्रिय रुख इस बात की गारंटी देता है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में भी सरकार नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाती रहेगी।
यह जानकारी न केवल संबंधित परिवारों को राहत देती है बल्कि पूरे देश को आश्वस्त करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय नागरिकों और संपत्ति की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। फारस की खाड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भारतीय उपस्थिति को सुरक्षित बनाए रखना राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World September 30,2026
#PersianGulf
#IndianSeafarers
#MEAUpdate
#IndianShips
#MaritimeSafety
#StraitOfHormuz
#SeafarersWelfare
#IndiaShipping
#WestAsiaTensions
#ShippingMinistry