- Friday World September 23,2026
न्यूयॉर्क। पश्चिम एशिया में बीते सात महीनों से जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच संयुक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी कूटनीतिक पंचायत शुरू हो गई है। 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय सत्र में पूरी दुनिया की नजर इस बार ईरान और अमेरिका पर टिकी है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार को न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुए और आज बुधवार 23 सितंबर को वह महासभा को संबोधित करेंगे। यह दौरा इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि ऐसा पहली बार हो रहा है जब अमेरिका के साथ सीधे युद्ध में उलझा कोई राष्ट्राध्यक्ष अमेरिकी धरती पर आकर UN में अपना पक्ष रख रहा है।
ट्रंप का ऑफर, पेजेश्कियान का संदेश
ईरानी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, पेजेश्कियान का यह दौरा केवल भाषण तक सीमित नहीं है। वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर थोपी गई जंग को लेकर तेहरान का पक्ष मजबूती से रखेंगे।
इससे पहले फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरानी राष्ट्रपति से मिलने के लिए तैयार हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि दोनों नेताओं की औपचारिक बैठक अभी तय नहीं हुई है। ट्रंप मंगलवार को UNGA को संबोधित कर चुके हैं, जबकि पेजेश्कियान का संबोधन बुधवार सुबह के सत्र में होगा।
ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि तेहरान को समझौते का रास्ता चुनना होगा, नहीं तो अंजाम भुगतना होगा। वहीं पेजेश्कियान ने रवाना होने से पहले कहा था, "हम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान की मजलूमियत को पूरी ताकत से उठाएंगे। हमने कई बार बातचीत की मेज पर जाकर समझौते किए, लेकिन दुनिया ने देखा कि कैसे वादों को पैरों तले रौंद दिया गया और अविश्वास पैदा किया गया।" 256b
प्रतिनिधिमंडल पर अमेरिका की सख्ती
अमेरिका ने इस बार ईरानी प्रतिनिधिमंडल को लेकर बेहद सख्त रवैया अपनाया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि मेजबान देश के दायित्वों के तहत केवल मुख्य प्रतिनिधिमंडल को ही UNGA में आने की अनुमति दी गई है। राष्ट्रपति पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को वीजा दिया गया है, लेकिन राष्ट्रपति की मीडिया और जनसंपर्क टीम के कई सदस्यों के वीजा रोक दिए गए हैं। ईरान ने इसे वाशिंगटन की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई बताया है।
पेजेश्कियान के साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत उच्चस्तरीय टीम है। अपने कार्यक्रम के दौरान वह कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, साथ ही अमेरिका में रह रहे ईरानी मूल के शिक्षाविदों और थिंक-टैंक के विशेषज्ञों से भी मिलेंगे।
IRGC ने कहा - जंग खत्म नहीं हुई
कूटनीति के बीच जमीनी हालात और तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने सोमवार को बयान दिया कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ युद्ध खत्म नहीं हुआ है। ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहब्बी ने कहा कि ईरानी सेना लंबे संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है, युद्ध के चरण बदल सकते हैं लेकिन टकराव जारी रहेगा।
उधर अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए ईरान को लेकर लेवल-4 की यात्रा चेतावनी फिर से जारी की है और अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है।
इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट में सोमवार को दो तेल टैंकरों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले की खबर ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ा दी है। इस हमले में दो नाविक घायल हुए हैं और अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। क्षेत्र में जहाजों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
दुनिया की नजर न्यूयॉर्क पर
इस बार UNGA की थीम है - "विश्वास बहाली और परिवर्तन का प्रबंधन: सभी के लिए काम करने वाला संयुक्त राष्ट्र"। विश्लेषकों का मानना है कि अगर न्यूयॉर्क में ट्रंप और पेजेश्कियान के बीच औपचारिक या अनौपचारिक मुलाकात भी होती है, तो यह सात महीने से चल रहे युद्ध को विराम देने की दिशा में सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू हो सकता है। पूरी दुनिया की निगाहें अब 23 सितंबर के भाषण पर हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World September 23,2026
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