- Friday World Oct 2,2026
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 1 अक्टूबर 2026 से क्रिकेट के Playing Conditions में 10 बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं। ये नियम पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट में लागू होंगे। ICC ने साफ कहा है कि जो सीरीज 1 अक्टूबर से पहले शुरू हो चुकी हैं, उनमें पुराने नियम ही चलेंगे, लेकिन 1 अक्टूबर के बाद शुरू होने वाली हर नई इंटरनेशनल सीरीज में यही नए नियम मान्य होंगे।
इसमें MCC के क्रिकेट के कानूनों में हुए 73 बदलावों को भी शामिल किया गया है। मकसद है - समय की बर्बादी रोकना, खेल की रफ्तार बनाए रखना और अंपायरिंग को आसान बनाना।
आइए 10 बड़े बदलाव विस्तार से समझते हैं:
1. बैटर ने टाइम वेस्ट किया तो 5 रन की पेनल्टी
ये सबसे बड़ा बदलाव है। मेंस क्रिकेट में अगर बैटर तय समय पर स्ट्राइक लेने के लिए तैयार नहीं होता, तो पहली बार चेतावनी मिलेगी, दूसरी बार फाइनल वार्निंग, और तीसरी बार से हर बार फील्डिंग टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाएंगे। बार-बार ऐसा करने पर Code of Conduct के तहत सजा भी हो सकती है।
B2. बॉल के साइज में अब कोई कन्फ्यूजन नहीं
अब तक कई बार एक ही बॉल को महिला और जूनियर क्रिकेट में इस्तेमाल किया जाता था। अब ICC ने 3 अलग-अलग कैटेगरी बना दी है - Size 1 (मेंस), Size 2 (विमेंस), Size 3 (जूनियर)। महिलाओं की बॉल के वजन और साइज की टॉलरेंस अब ज्यादा सख्त होगी।
3. दिन के टेस्ट में भी पिंक बॉल से होगा खेल!
खराब रोशनी से खेल रुकने की समस्या को रोकने के लिए ICC ने ट्रायल के तौर पर दिन के टेस्ट मैच में पिंक बॉल के इस्तेमाल को मंजूरी दी है। दोनों टीमों को मैच शुरू होने से पहले इस पर सहमत होना होगा। एक बार लाल बॉल से खेल शुरू हो गया तो बीच में पिंक बॉल नहीं लाई जा सकती।
4. ओवरथ्रो क्या है, अब क्लियर है
अब तक फील्डर के मिसफील्ड को भी ओवरथ्रो मान लिया जाता था। नया नियम कहता है कि ओवरथ्रो तभी माना जाएगा जब फील्डर जानबूझकर विकेट की तरफ थ्रो करे ताकि रन रोका जा सके या रन-आउट किया जा सके। बॉल रोकने की कोशिश में हुई गलती ओवरथ्रो नहीं है।
5. बॉल Finally Settled कब मानी जाएगी?
आखिरी बॉल पर अक्सर विवाद होता था। अब अंपायर के पास ज्यादा अधिकार होगा। बॉल को फाइनली सेटल्ड मानने के लिए उसका बॉलर या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं। अंपायर अपनी समझ से तय करेगा कि खेल खत्म हुआ या नहीं।
6. रन-आउट और स्टंपिंग के लिए पूरा कंट्रोल जरूरी
अब सिर्फ बॉल को हाथ से छूकर विकेट गिरा देना काफी नहीं है। फील्डर के पास बॉल का पूरा कंट्रोल होना चाहिए। तभी रन-आउट या स्टंपिंग मान्य होगी।
7. दिन का आखिरी ओवर - विकेट गिरने पर भी खेल जारी
टेस्ट में अक्सर आखिरी ओवर में विकेट गिरते ही स्टंप घोषित कर दिया जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। अगर मौसम और रोशनी ठीक है, तो ओवर की बची हुई गेंदें पूरी कराई जाएंगी। इससे फील्डिंग टीम को फायदा मिलेगा।
8. T20 में ब्रेक का टाइम फिक्स
T20 इंटरनेशनल में पारी के बीच का ब्रेक अब 15 मिनट होगा। लेकिन अगर मैच में समय खराब हुआ है तो इसे घटाकर कम से कम 10 मिनट किया जा सकता है।
9. ड्रिंक्स ब्रेक में कोच मैदान पर आ सकेगा
ODI और T20 में अब हेड कोच या उसका प्रतिनिधि ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर आकर खिलाड़ियों से सीधे बात कर सकेगा। पहले इसकी इजाजत नहीं थी।
10. बाउंड्री कैच, लेग-साइड वाइड और बैट के नए नियम
- बनी-हॉप कैच पर रोक: बाउंड्री के बाहर हवा में बॉल को छूने के बाद फील्डर को अंदर ही लैंड करना और वहीं रहना होगा।
- लेग-साइड वाइड अब परमानेंट: बॉल डालते समय बैटर के पैर की पोजीशन से वाइड तय होगी, भले ही बैटर बाद में ऑफ-साइड की तरफ चला जाए।
- सिर के ऊपर की बॉल अब वाइड: सिर से ऊपर जाने वाली बॉल अब नो-बॉल नहीं, बल्कि वाइड होगी।
- लैमिनेटेड बैट (Type D) को सीनियर क्रिकेट में इजाजत मिल गई है।
ICC मेंस क्रिकेट कमेटी के चेयरमैन सौरव गांगुली ने कहा है कि ये बदलाव क्रिकेट को तेज, फेयर और मॉडर्न बनाने के लिए किए गए हैं। 70a2
Sajjadali Nayani ✍
Friday World Oct 2,2026
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