बाबा रामदेव की पटंजलि आयुर्वेद को उत्तराखंड की कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। पिथौरागढ़ कोर्ट ने कम गुणवत्ता वाला गाय का घी बेचने के आरोप में कंपनी, होलसेलर और रिटेलर पर कुल ₹1.40 लाख का जुर्माना ठोका है। निर्माता कंपनी पर सबसे भारी भरकम ₹1.25 लाख और बाकी पर ₹15,000 का दंड लगाया गया है।
मामला अक्टूबर 2020 का है जब पिथौरागढ़ में लिए गए पटंजलि घी के सैंपल पहले राज्य लैब और फिर केंद्र सरकार की रेफरल लैब में भी फेल हो गए। खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 46/4 के तहत केस चला और 19 नवंबर 2025 को ADM कोर्ट ने यह सजा सुनाई।
पटंजलि ने कोर्ट के फैसले को “कानूनी रूप से गलत” बताया है।
कंपनी का दावा है कि: - रेफरल लैब के पास NABL मान्यता ही नहीं थी - जिन पैरामीटर्स पर सैंपल फेल किया गया, वो उस समय लागू ही नहीं थे - दूसरा टेस्ट एक्सपायरी डेट निकलने के बाद हुआ, जो पूरी तरह अवैध है कंपनी ने ऐलान किया है कि वह फूड सेफ्टी ट्रिब्यूनल में अपील करेगी और उसे पूरा भरोसा है कि वहां फैसला उसके पक्ष में आएगा।
घी की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल उठने से आयुर्वेद की सबसे बड़ी ब्रांड पटंजलि की मुश्किलें बढ़ गई हैं।