महायुति में मची खलबली महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के अंदर भूचाल आ गया है।
शनिवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सतारा के फलटण में खुलेआम चेतावनी दे डाली – “मैं चुप हूँ तो मुझे चुप ही रहने दो। मुझे सब पता है कि कौन क्या कर रहा है। सबके राज़ मेरे पास हैं। मैं किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन जो मुझे छेड़ेगा, उसे भी नहीं छोड़ूँगा!”
यह तीखा हमला सीधे सहयोगी भाजपा पर था। वजह बनी सिंधुदुर्ग की घटना, जहाँ शिंदे खेमे के विधायक नीलेश राणे ने भाजपा नेता के घर छापा मारकर “वोट खरीदने के लिए रखी नकदी” बरामद करने का दावा किया। इसके जवाब में पुलिस ने राणे के खिलाफ ही FIR ठोंक दी।
शिंदे भड़क उठे। रैली में अधिकारियों को ललकारते हुए बोले, “गलत दबाव में मत आना। हमारे कार्यकर्ताओं पर अन्याय किया तो एकनाथ शिंदे का गुस्सा झेलना पड़ेगा!”
महायुति में पहले से सीट बंटवारे को लेकर तलवारें खिंची हैं। शिंदे गुट को लग रहा है कि भाजपा जानबूझकर उनके नेताओं को फँसा रही है। शिंदे का यह आक्रामक तेवर साफ बता रहा है – गठबंधन की नाव में छेद हो चुका है और आने वाले दिनों में तूफान आने वाला है।
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर साबित हो गया: सत्ता साथ है, दिल नहीं!
✒️सज्जाद अली नायाणी