भोपाल। आत्मनिर्भर भारत की नई मिसाल कायम करते हुए शहर की पांच महत्वाकांक्षी युवतियों ने मिलकर एक अनोखा “स्वयं का रोजगार” शुरू किया है। नाम रखा है – “हनीट्रैप प्राइवेट लिमिटेड”
बिज़नेस मॉडल बेहद सरल और देसी है : 1. हाई-प्रोफाइल ग्राहक चुनो
(2 SDM,
3 DSP, मंत्री-विधायक स्पेशल पैकेज)
2. प्यार का जाल बिछाओ
3. रील बनाओ
4. “वायरल कर दूँगी” का बटन दबाओ
5. पेमेंट QR कोड स्कैन कराओ।
पुलिस ने जब छापा मारा तो तीन लड़कियों के फ़ोन से कुल 90 “कंटेंट पीस” बरामद हुए। सूत्र बता रहे हैं कि ये 90 वीडियो ही कंपनी का पूरा पोर्टफोलियो थीं।
एक वीडियो की एवरेज वैल्यू निकालें तो लगभग 16.66 लाख रुपये। मतलब, ये बहनें रील बनाने में रवीश कुमार से भी महँगी निकलीं! ख़ास बात ये कि इन उद्यमी बहनों ने न तो कोई लोन लिया, न जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाया, न ही कोई सरकारी सब्सिडी ली। फिर भी 15 करोड़ का टर्नओवर!
स्टार्टअप इंडिया वाले अभी फ़ाइल देख रहे हैं कि इनको यूनिकॉर्न का दर्जा दिया जाए या नहीं। अब तो मंत्रियों-विधायकों में दहशत का माहौल है। व्हाटaप ग्रुप बने हैं
– “सावधान भाइयो, लव जिहाद नहीं, लव उगाही चल रही है”। कोई मंत्री जी अब मीठी-मीठी बातें करने वाली लड़की देखते ही बोल पड़ते हैं – “बेटी, पहले आधार कार्ड दिखाओ, फिर प्यार करो।”
राजस्थान और उत्तर प्रदेश में इनकी “फ्रैंचाइज़ी” खुलने की ख़बरें आ रही हैं। माना जा रहा है कि जल्दी ही “HoneyTrap Bharat” नाम से IPO भी आएगा।
निवेशक पूछ रहे हैं – “कंपनी में कोई मेल पार्टनर है क्या?” जवाब मिला – “नहीं सर, हम फुली वुमन-ओन्ड स्टार्टअप हैं।”
मोदी जी के “नारी सशक्तिकरण” का इससे सुंदर उदाहरण भला और क्या हो सकता है?
लड़कियाँ अब सिर्फ़ पढ़ेंगी-लिखेंगी नहीं, बल्कि “पकड़ेंगी-धमकाएंगी-कमाएंगी” भी। तो अगली बार जब कोई आपसे बोले – “जनाब, आप बहुत अच्छे लगते हो…” तो फ़ौरन पूछिए – “कैमरा ऑन है या ऑफ?”
सज्जाद अली नायाणी✍️