लंदन: ब्रिटेन में अवैध तरीके से रह रहे और काम कर रहे एशियाई प्रवासियों के खिलाफ ब्रिटिश सरकार ने सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। नवंबर के आखिरी हफ्ते में शुरू किए गए
ऑपरेशन इक्वलाइज’ के तहत पूरे ब्रिटेन में छापेमारी हुई, जिसमें 171 डिलीवरी राइडर्स को हिरासत में लिया गया। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय, नागरिक शामिल हैं।
ईस्ट लंदन के न्यूहम में 17 नवंबर को 4 राइडर्स पकड़े गए, जबकि 25 नवंबर को न्यूविच सिटी सेंटर में तीन भारतीय राइडर्स को गिरफ्तार किया गया। इनमें से दो को तुरंत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
होम ऑफिस की इमिग्रेशन एनफोर्समेंट टीम सड़कों पर राइडर्स को रोककर दस्तावेज जांच रही है। बिना वैध वीजा या वर्क परमिट के काम करते पाए जाने पर तत्काल गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन हो रहा है। डिलीवरी कंपनियों Deliveroo, Just Eat और Uber Eats के साथ मीटिंग कर सरकार ने चेतावनी दी है कि प्लेटफॉर्म पर अवैध काम करने वालों को तुरंत हटाया जाए।
गृह मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2024 तक 50,000 से ज्यादा लोगों को डिपोर्ट किया जा चुका है। नए
बॉर्डर सिक्योरिटी, एसाइलम एंड इमिग्रेशन बिल
को इस हफ्ते शाही मंजूरी मिल गई है, जो अब कानून बन गया है। इसके तहत: - अवैध कर्मचारी रखने वाले मालिक को
5 साल जेल
प्रति कर्मचारी 60,000 पाउंड जुर्माना
बार-बार उल्लंघन पर कारोबार हमेशा के लिए बंद ब्रिटेन के बॉर्डर सिक्योरिटी मंत्री एलेक्स नोरिस ने साफ कहा, “अगर आप यहां गैरकानूनी तरीके से काम कर रहे हैं, तो आपकी गिरफ्तारी और देश निकाला तय है।”
अब ब्रिटेन में अवैध भारतीयों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जो लोग सालों से बिना कागजात के डिलीवरी का काम कर रहे थे, उनके लिए रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं।
सज्जाद अली नायाणी✍️