काबुल/इस्लामाबाद: पाकिस्तान और तालिबान शासित अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर सीमा पर खूनी झड़प हो गई। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी और मोर्टार हमले हुए। अफगानिस्तान के स्पिन बोल्दक शहर में रातों-रात लोग घर छोड़कर भागे। कंधार के अस्पताल में चार शव पहुंचे, जबकि कई घायल हैं।
तालिबान का आरोप: "पाकिस्तान ने पहले हमला किया" तालिबान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वारज़मी ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के स्पिन बोल्दक और कंधार सीमा पर भारी गोलाबारी शुरू की, जिसके जवाब में उनकी सेनाओं ने मुंहतोड़ कार्रवाई की।
पाकिस्तान का पलटवार: "तालिबान ने बेवजह फायरिंग की" पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने बयान जारी कर कहा, "बिना किसी उकसावे के तालिबान ने गोलीबारी शुरू की। हमारी सेनाओं ने तुरंत और कड़ा जवाब दिया। पाकिस्तान अपनी सीमा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
क़तर-तुर्की की मध्यस्थता से बना संघर्षविराम टूटा यह झड़प महज़ दो महीने पहले क़तर और तुर्की की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम समझौते के पूरी तरह चकनाचूर होने का सबूत है। इसके बाद से दोनों तरफ छोटी-मोटी गोलीबारी होती रही थी, लेकिन इस बार लड़ाई चार घंटे तक चली और बेहद हिंसक रही।
पाकिस्तान पर तालिबान का नया आरोप तालिबान ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले करने का भी इल्ज़ाम लगाया है। पाकिस्तानी सेना ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
सीमा पर तनाव चरम पर डूरंड लाइन के पास दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने डटी हैं। स्पिन बोल्दक के लोग रात में ही सामान उठाकर सुरक्षित इलाकों की ओर भाग गए। दुकानें बंद, सड़कें सूनी और आसमान में गोलियों की आवाज़ें, यही इस वक्त बॉर्डर का मंज़र है।
पिछले कुछ महीनों में यह चौथी बड़ी झड़प है। दोनों देश एक-दूसरे पर टीटीपी आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाते रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक बड़े स्तर का कोई स्थायी समझौता नहीं होता, सीमा पर गोलियों की यह गूंज रुकने वाली नहीं है।
सज्जाद अली नायाणी✍️