कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध के लगभग चार साल बाद शांति की उम्मीदें जगमगा रही हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही वार्ताओं में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रस्तावित शांति योजना के ड्राफ्ट को 'व्यावहारिक' बताते हुए सकारात्मक संकेत दिए हैं। दिसंबर 2025 के मध्य में बर्लिन और अन्य जगहों पर हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षा गारंटी पर काफी प्रगति हुई है। अमेरिकी दूत जल्द ही इस संशोधित ड्राफ्ट को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कार्यालय तक पहुंचाएंगे, और आने वाले दिनों में अमेरिका में आगे की मीटिंग्स हो सकती हैं।
शांति योजना में क्या है खास? अमेरिका-यूक्रेन के बीच बातचीत में अब 20-पॉइंट का संशोधित प्लान चर्चा में है। इसमें यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी मिलने की बात है, जिसमें अमेरिका और यूरोपीय देशों का समर्थन शामिल है। जेलेंस्की ने इसे 'नाटो जैसी' सुरक्षा बताया, जो भविष्य में रूसी हमलों से बचाव करेगी। हालांकि, कब्जे वाले इलाकों (खासकर दोनबास) और क्षेत्रीय सीमाओं का मुद्दा अभी अनसुलझा है। पुतिन इन गारंटी पर आपत्ति जता सकते हैं, क्योंकि रूस यूक्रेन की सैन्य ताकत बढ़ने को खतरा मानता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम अब तक की सबसे करीब हैं शांति के।" लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की मांगें (क्षेत्रीय रियायतें) और यूक्रेन की 'रेड लाइंस' के बीच समझौता मुश्किल है।
जेलेंस्की की 'पर्दे के पीछे' रणनीति: आत्मनिर्भरता का दांव शांति वार्ता के बीच जेलेंस्की कोई जोखिम नहीं ले रहे। यूक्रेन ने अपनी सैन्य ताकत को तेजी से बढ़ाया है। राष्ट्रपति के मुताबिक, अब फ्रंटलाइन पर इस्तेमाल होने वाले 50% से ज्यादा हथियार स्वदेशी हैं। पुराने सोवियत हथियारों की जगह अब ड्रोन, रोबोटिक सिस्टम और लंबी दूरी की मिसाइलें प्रमुख हैं। सबसे बड़ा सरप्राइज है 'फ्लेमिंगो' क्रूज मिसाइल! यह यूक्रेन की स्वदेशी मिसाइल है, जिसकी रेंज 3000 किलोमीटर तक बताई जाती है। अमेरिकी टॉमाहॉक मिसाइल से तुलना की जा रही है, लेकिन इसका वॉरहेड भारी (लगभग 1150 किग्रा) है। गुप्त फैक्टरियों में इसका उत्पादन चल रहा है – कंपनी फायर पॉइंट महीने में 50 से ज्यादा यूनिट्स बना रही है, और जल्द 7 प्रति दिन का लक्ष्य है। यह मिसाइल रूस के गहरे इलाकों में सटीक हमले कर सकती है। जब पश्चिमी देशों ने लंबी रेंज की मिसाइलें देने से इनकार किया, तो यूक्रेन ने खुद यह तकनीक विकसित की। हाल के हमलों में रूसी तेल रिफाइनरियों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मॉस्को को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है।
आगे क्या? दुनिया की नजरें पुतिन पर हैं। अगर रूस सुरक्षा गारंटी स्वीकार करता है, तो युद्ध खत्म हो सकता है। लेकिन अगर नहीं, तो यूक्रेन की नई मिसाइलें और ड्रोन रूस की 'युद्ध अर्थव्यवस्था' को और कमजोर कर सकती हैं। जेलेंस्की की दोहरी रणनीति – शांति की कोशिशें और सैन्य आत्मनिर्भरता
सज्जाद अली नायाणी✍🏼