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Monday, 29 December 2025

देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या: नफरत की राजनीति पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया

देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या: नफरत की राजनीति पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया
फ्राइडे वर्ल्ड 29/December
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 9 दिसंबर को हुई एक क्रूर घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र **एंजेल चकमा** पर नस्लीय टिप्पणियां करने वाले कुछ लोगों ने हमला कर दिया। वे एंजेल और उनके छोटे भाई माइकल को 'चीनी' कहकर बुला रहे थे। जब एंजेल ने इसका विरोध किया और कहा, "हम चीनी नहीं, हम भारतीय हैं", तो गुस्साए हमलावरों ने चाकू और अन्य हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार किए। एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गए और 26 दिसंबर को अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी नेपाल भाग गया है।

 यह घटना न केवल एक युवा की जिंदगी छीन गई, बल्कि उत्तर-पूर्वी राज्यों के छात्रों के साथ होने वाले नस्लवाद और हिंसा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुखद घटना पर प्रमुख विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष **राहुल गांधी** और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष **अखिलेश यादव** ने इसे 'नफरत से जुड़ा अपराध' बताते हुए सत्ताधारी दल पर निशाना साधा। 

राहुल गांधी का बयान: "नफरत रातों-रात पैदा नहीं होती" राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस घटना को **"भयावह घृणा अपराध"** (horrific hate crime) करार दिया। उन्होंने लिखा कि एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह बेहद दर्दनाक है। राहुल गांधी ने कहा, "नफरत एक रात में पैदा नहीं होती। बीते कई सालों से इसे लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, खासकर युवाओं के बीच। जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी के जरिए नफरत को सामान्य बनाया जा रहा है।"

 राहुल ने सत्तारूढ़ भाजपा पर सीधा आरोप लगाया कि उनकी वजह से समाज में नफरत को सामान्य माना जाने लगा है। उन्होंने कहा, "हम एक प्यार और विविधता वाले देश हैं। हमें ऐसा समाज नहीं बनने देना चाहिए जो अपने ही साथी भारतीयों पर हमले होने पर चुप रहे।" राहुल ने चकमा परिवार, त्रिपुरा और पूरे उत्तर-पूर्व के लोगों के प्रति संवेदना जताई और लिखा, "हम गर्व से आपको अपना भारतीय भाई-बहन कहते हैं।" 

 अखिलेश यादव का बयान: "विघटनकारी सोच रोज किसी की जान ले रही है" समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी एक्स पर इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा, "देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या नफरती लोगों की बेहद घृणित मानसिकता का दुष्परिणाम है। विघटनकारी सोच रोज किसी की जान ले रही है और सरकारी अभयदान प्राप्त ये लोग विषबेल की तरह फल-फूल रहे हैं।" 

अखिलेश ने आगे कहा कि ऐसे नकारात्मक तत्व देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं। उन्होंने सभी शांतिप्रिय और सौहार्दपूर्ण लोगों से अपील की कि वे ऐसे असामाजिक तत्वों को पहचानें और उनका बहिष्कार करें। अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट से भी आग्रह किया कि वह इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर न्याय सुनिश्चित करे। 

 घटना ने फिर उठाए सवाल एंजेल चकमा की मौत के बाद त्रिपुरा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। छात्र संगठनों ने मोमबत्ती जुलूस निकाले और न्याय की मांग की। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की और न्याय का आश्वासन लिया। वहीं, उत्तराखंड पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। 

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भारत की विविधता हमारी ताकत है, लेकिन नफरत और नस्लवाद जैसी सोच इसे कमजोर कर रही है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं की प्रतिक्रिया से साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहा है और समाज में फैल रही जहरीली सोच के खिलाफ एकजुट आवाज उठा रहा है। 

एंजेल चकमा की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को न्याय मिले – यही देश की सच्ची एकता होगी। 
सज्जाद अली नायाणी✍🏼
फ्राइडे वर्ल्ड 29/December