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Monday, 1 December 2025

✪ अमेरिका में भारतीय IT प्रोफेशनल्स के लिए नया संकट : H-1B वीजा की राह हुई और कठिन

✪ अमेरिका में भारतीय IT प्रोफेशनल्स के लिए नया संकट : H-1B वीजा की राह हुई और कठिन
(2025 अपडेट) 2025 के आते-आते अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे हजारों भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं। डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की आहट के साथ ही H-1B वीजा प्रक्रिया में सख्ती बढ़ने के संकेत साफ दिख रहे हैं। 

क्या कहते हैं आधिकारिक आंकड़े? - अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के नवीनतम डेटा के अनुसार, FY 2024 में H-1B पिटीशन्स का औसत इनकार दर (Denial Rate) 2015 के 6% से बढ़कर 36% तक पहुँच गया। - National Foundation for American Policy (NFAP) की जनवरी 2025 रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 8 सालों में भारतीय आवेदकों के लिए H-1B अप्रूवल रेट में करीब 65-70% की भारी गिरावट आई है। - FY 2024 में टॉप-25 H-1B एम्प्लॉयर्स की लिस्ट में कोई भी बड़ी भारतीय IT कंपनी (TCS, Infosys, Wipro, HCL) शामिल नहीं रही – पहली बार ऐसा हुआ है। - TCS को FY 2023 में जहाँ 1,452 नए H-1B वीजा मिले थे, वहीं FY 2024 में यह संख्या घटकर सिर्फ 846 रह गई। 

 ट्रम्प 2.0 का असर क्या होगा? ट्रम्प प्रशासन का पुराना नारा “Buy American, Hire American” फिर से जोर पकड़ने वाला है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025 में निम्न बदलाव संभव हैं: - Request for Evidence (RFE) की संख्या में भारी इजाफा - स्पेशलिटी ऑक्यूपेशन की परिभाषा को और सख्त करना - वीजा एक्सटेंशन और ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में अतिरिक्त जांच - संभवतः H-1B लॉटरी में भी प्राथमिकता अमेरिकी डिग्री धारकों को 

 एलन मस्क ने भी दी चेतावनी-सह-सुझाव एलन मस्क ने हाल ही में कहा था: > “अमेरिका की टेक्नोलॉजी क्रांति में भारतीय और चीनी टैलेंट का सबसे बड़ा योगदान है। H-1B सिस्टम को खत्म नहीं, बल्कि और बेहतर करना चाहिए।” फिर भी ट्रम्प प्रशासन और टेक जगत के बीच इस मुद्दे पर खींचतान जारी है। 

भारतीय IT इंडस्ट्री के लिए आगे की राह कंपनियाँ अब दो रणनीतियाँ अपना रही हैं: 1. L-1 वीजा और EB-1/EB-2 ग्रीन कार्ड रूट पर ज्यादा फोकस 2. कनाडा, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देशों में टैलेंट को डायवर्ट करना 

निष्कर्ष 2025 में अमेरिका जाना पहले से कहीं ज्यादा कठिन होने वाला है। जो लोग अभी H-1B की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें पहले से ज्यादा मजबूत केस, बेहतर डॉक्यूमेंटेशन और वैकल्पिक प्लान B तैयार रखना चाहिए। सपना अभी खत्म नहीं हुआ है, बस रास्ता थोड़ा और मुश्किल जरूर हो गया है। 

सज्जाद अली नायाणी✍️