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Saturday, 3 January 2026

कनाडा का नया वीजा 'खतरनाक' प्लान: लाखों भारतीय ऑ में फैला डर अमेरिका के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की तैयारी!"

कनाडा का नया वीजा 'खतरनाक' प्लान: लाखों भारतीय यो में फैला डर अमेरिका के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की तैयारी!"
Friday World January 3, 2026 
कनाडा की इमिग्रेशन व्यवस्था में आए बड़े बदलावों ने भारतीय यात्रियों, छात्रों और अस्थायी वर्कर्स में भारी चिंता पैदा कर दी है। सरकार द्वारा पेश किए गए बिल C-12 (Strengthening Canada’s Immigration System and Borders Act) के तहत इमिग्रेशन अधिकारियों को नई और व्यापक शक्तियां दी जा रही हैं। इस बिल के अनुसार, टेम्पररी वीजा (जैसे विजिटर वीजा, स्टडी परमिट और वर्क परमिट) वाले व्यक्तियों के वीजा किसी भी समय बड़े पैमाने पर कैंसल किए जा सकते हैं या उन पर डिपोर्टेशन का आदेश लागू किया जा सकता है। 

यह बिल मुख्य रूप से फ्रॉड (नकली दस्तावेज और गलत जानकारी) को रोकने का उद्देश्य रखता है, जिसमें खास तौर पर भारत और बांग्लादेश से आने वाले आवेदकों को "देश-विशेष चुनौतियां" के रूप में चिह्नित किया गया है। कनाडा की इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप डिपार्टमेंट (IRCC)  कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) और अमेरिकी अधिकारी मिलकर एक वर्किंग ग्रुप बना चुके हैं, जो फ्रॉड वाले वीजा को पहचानकर बड़े पैमाने पर कैंसल कर सकें। 

यह बिल अभी हाउस ऑफ कॉमन्स से पास हो चुका है और सीनेट में विचाराधीन है। फरवरी 2026 में सीनेट की बैठक फिर शुरू होने पर इसे अंतिम मंजूरी मिल सकती है। अगर बिल कानून बन गया तो इमिग्रेशन मिनिस्टर को विशेष परिस्थितियों (जैसे फ्रॉड, राष्ट्रीय सुरक्षा या पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी) में पूरे ग्रुप के वीजा एक साथ रद्द करने की शक्ति मिल जाएगी। 

भारतीय छात्रों पर सबसे ज्यादा असर इस बिल के साथ ही कनाडा ने भारतीय छात्रों की **स्टडी परमिट** आवेदनों पर सख्ती बहुत बढ़ा दी है। अगस्त 2025 में भारतीय आवेदकों की **74% आवेदन रिजेक्ट** कर दिए गए, जो अगस्त 2023 के 32% की तुलना में दोगुना से ज्यादा है। अगस्त 2023 में लगभग 19,000-21,000 आवेदन आए थे, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 4,000 के आसपास रह गई। इसका कारण फ्रॉड के मामलों में बढ़ोतरी और ज्यादा सख्त जांच है। 

कनाडा ने 2023 में 1,500 से ज्यादा फेक एक्सेप्टेंस लेटर पकड़े थे, और 2024 में यह संख्या 10,000 से ज्यादा पहुंच गई। इससे स्टूडेंट वीजा पर और सख्ती आई है। 

भारत-कनाडा संबंधों में जारी तनाव जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल से ही 2023 से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े आरोपों ने दोनों देशों के बीच डिप्लोमेटिक संबंधों को ठंडा कर दिया है। इस तनाव के कारण वीजा नियमों को सख्त बनाने को भारत के खिलाफ कदम माना जा रहा है।

 2025-2026 में कनाडा ने इमिग्रेशन लेवल्स प्लान में भी कटौती की है – परमानेंट रेसिडेंट्स की संख्या 2025 में 395,000 और 2026-2028 में 380,000 पर तय की गई है, जबकि पहले 500,000 का टारगेट था। टेम्पररी रेसिडेंट्स (स्टूडेंट्स और वर्कर्स) की संख्या भी घटाई जा रही है। 

लाखों भारतीयों में चिंता इस बिल से लाखों भारतीय टेंशन में हैं, क्योंकि उनके वीजा अचानक रद्द हो सकते हैं और देश छोड़ना पड़ सकता है। माइग्रेंट राइट्स नेटवर्क जैसे संगठनों ने इसे "मास डिपोर्टेशन मशीन" कहा है। कई लोग मानते हैं कि यह कदम बैकलॉग कम करने के लिए भी है। 

ऐसे समय में भारतीयों को सलाह है कि वे अपने दस्तावेजों और स्टेटस की ज्यादा सावधानी से जांच करें, और जरूरत पड़ने पर इमिग्रेशन एक्सपर्ट की मदद लें। कनाडा अभी भी अवसर दे रहा है, लेकिन नियम बहुत सख्त हो रहे हैं। 

यह सब दिखाता है कि कनाडा की इमिग्रेशन पॉलिसी अब "कनेडियन्स फर्स्ट" की ओर ज्यादा झुकाव रखती है। भारतीय समुदाय के लिए यह एक बड़ा चुनौती है! 

Friday World January 3, 2026 
Sajjadali Nayani ✍