बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) – एशिया की सबसे अमीर सिविक बॉडी, जिसका सालाना बजट 74,000 करोड से ज्यादा है – अब राजनीतिक जंग का नया मैदान बन चुकी है। महायुति गठबंधन (भाजपा + शिंदे शिवसेना) ने हालिया चुनावों में बहुमत हासिल कर लिया, लेकिन मेयर पद की कुर्सी पर असली लड़ाई अभी शुरू हुई है। भाजपा और एकनाथ शिंदे के बीच अंदरूनी खींचतान चरम पर है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) इस मौके को 'बदला' लेने के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी में है। सूत्रों का दावा है – उद्धव का 'वॉकआउट प्लान' शिंदे को कमजोर कर सकता है और भाजपा को मेयर पद सौंप सकता है!
BMC चुनाव रिजल्ट: संकीर्ण बहुमत, बड़ा ड्रामा 227 सदस्यीय सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा 114 है।
- भाजपा: 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
- शिंदे शिवसेना: 29 सीटें
- कुल महायुति: 118 सीटें (महज 4 ज्यादा) विपक्ष में मजबूत:
- उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 5 सीटें
- कांग्रेस: 24, AIMIM: 8, MNS: 6, अन्य छोटे दल
यह नतीजा ठाकरे परिवार के लिए सदमे जैसा है – BMC दशकों से उनका गढ़ था। लेकिन संकीर्ण बहुमत के कारण एक छोटी सी चूक भी गठबंधन को हिला सकती है। शिंदे गुट पहले 2.5 साल मेयर पद मांग रहा है, जबकि भाजपा इसे अपना मान रही है। इस खींचतान में उद्धव का 'खेल' गेम-चेंजर बन सकता है!
उद्धव का 'वॉकआउट' प्लान: शिंदे के लिए सबसे बड़ा झटका?
सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) मेयर चुनाव के दौरान सदन से सामूहिक वॉकआउट कर सकती है। क्या होगा अगर ऐसा हुआ?
- वोटिंग के समय सदन की प्रभावी ताकत घट जाएगी
- बहुमत का आंकड़ा कम हो जाएगा
- भाजपा अपने दम पर मेयर चुन लेगी
यह रणनीति शिंदे के खिलाफ पुरानी रंजिश चुकाने का स्मार्ट तरीका है। 2022 में शिंदे की बगावत से उद्धव की सरकार गिरी थी – अब उद्धव इसे 'वापसी' के रूप में देख रहे हैं। अगर प्लान कामयाब हुआ, तो शिंदे गुट की सत्ता की छवि धराशायी हो सकती है। हालांकि, UBT की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन राजनीति में 'कहना कुछ, करना कुछ और' तो आम बात है!
संजय राउत की टिप्पणियां: "भाजपा मेयर = मुंबई का काला दिन!" शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने आग लगा दी: "जिस दिन भाजपा का मेयर चुना जाएगा या (शिंदे) का मेयर बनेगा, वह मुंबई के लिए काला दिन होगा। यह वैसा ही होगा जैसे मोरारजी देसाई ने फायरिंग का आदेश दिया था और 106 लोग मारे गए थे!"
राउत ने आगे कहा: "मैंने कब कहा कि मेयर हमारा नहीं होगा? सभी विकल्प खुले हैं। चिंता मत करो! भाजपा मेयर की बात कर रही है, शिंदे भी सिर्फ 29-30 कॉर्पोरेटर होने के बावजूद मेयर की बात कर रहे हैं। 'शेर अभी जिंदा है'। हमारे पास अभी भी चुनौती देने लायक संख्या है!"
राउत ने शिंदे के 29 कॉर्पोरेटरों को होटल में 'जेल' में रखने पर तंज कसा – "किससे डर रहे हैं? मैसेज जा सकते हैं!" शिंदे ने लॉयल्टी बॉन्ड करवाए हैं, लेकिन राउत का दावा है कि कई शिंदे कॉर्पोरेटर भाजपा मेयर के खिलाफ हैं।
अंतिम नतीजा क्या होगा? रोमांचक ट्विस्ट! अगर उद्धव का वॉकआउट सफल हुआ, तो यह एक कांकर से दो पक्षी' मारने जैसा होगा: - शिंदे को कमजोर करना - भाजपा को मेयर पद देना इससे महायुति में दरार पड़ सकती है, और मुंबई की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। लेकिन शिंदे गुट 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' चला रहा है, भाजपा के पास राज्य सरकार की ताकत है, और उद्धव के पास अनुभव + 65 सीटें।
मुंबई की सबसे ताकतवर महानगरपालिका पर अब कौन राज करेगा? क्या उद्धव ठाकरे अपना बदला पूरा कर पाएंगे? या महायुति एकजुट होकर मेयर पद पर कब्जा जमाएगी?
आने वाले दिन सुपर-रोमांचक होने वाले हैं! मुंबई की सियासत में हर पल कुछ नया हो सकता है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-January 19, 2026