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Sunday, 15 March 2026

होर्मुज में फंसे 778 भारतीय नाविक: "स्पेशल पास" की अफवाहें vs हकीकत का कड़वा सच

होर्मुज में फंसे 778 भारतीय नाविक: "स्पेशल पास" की अफवाहें vs हकीकत का कड़वा सच
-Friday World March 15, 2026 
दोस्तों, कल्पना कीजिए – समंदर के बीच में, मौत के साए तले, हमारे 778 बहादुर नाविक दिन-रात जहाजों पर कैद हैं। जहाज हिलते हैं, लहरें मारती हैं, और ऊपर से ड्रोन, मिसाइलें, हमलों की आहट। होर्मुज स्ट्रेट – दुनिया का वो गलियारा जहां से 20% ग्लोबल तेल गुजरता है – अब जंग का मैदान बन चुका है। ईरान-अमेरिका-इजरायल की छिड़ी जंग ने यहां ट्रैफिक ठप कर दिया है। सैकड़ों जहाज एंकर डाले खड़े हैं, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, भारत में एलपीजी सिलेंडर महंगा हो रहा है, महंगाई की मार आम आदमी पर पड़ रही है।

 फिर भी, कुछ टीवी चैनल और सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है? "ईरान ने भारत को स्पेशल पास दे दिया!" "जयशंकर जी की एक कॉल पर ईरान ने गेट खोल दिया!" "हमारे टैंकर निकल गए, वाह रे कूटनीति!" 🔥🇮🇳 ऐसे जश्न मनाए जा रहे हैं जैसे कोई बड़ी जीत हो गई हो। लेकिन सच्चाई क्या है? आइए, सरकारी बयानों, आधिकारिक ब्रिफिंग और विश्वसनीय रिपोर्ट्स से हकीकत समझते हैं। 

 सरकारी बयान: अभी भी ज्यादातर जहाज फंसे हैं 

12-14 मार्च 2026 की इंटर-मिनिस्टीरियल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने साफ-साफ कहा:

 - कुल 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में फंसे हैं। 

- इन पर 778 भारतीय नाविक सवार हैं। 

- इनमें से 24 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में (Persian Gulf के अंदर) हैं, जहां 677 नाविक हैं। 

- 4 जहाज स्ट्रेट के पूर्व* में (Gulf of Oman क्षेत्र) हैं, जहां 101 नाविक हैं।

 - सभी नाविक सुरक्षित हैं, पिछले 24 घंटों में कोई अनहोनी नहीं हुई, लेकिन ज्यादातर जहाज अभी भी अटके हुए हैं – मूवमेंट नहीं कर पा रहे।

 सिन्हा ने आगे बताया कि दो भारतीय ध्वज वाले LPG कैरियर – शिवालिक (Shivalik) और नंदा देवी (Nanda Devi) – ने स्ट्रेट क्रॉस कर लिया है। ये जहाज भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन के चार्टर्ड हैं, कुल 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा और कांडला पोर्ट की ओर बढ़ रहे हैं। अनुमानित पहुंच: 16-17 मार्च 2026। 

एक और जहाज **जग प्रकाश (Jag Prakash)** – जो ओमान से अफ्रीका जा रहा था – पूर्वी हिस्से से मूवमेंट शुरू कर चुका है। लेकिन बाकी **22-24 जहाज** (मुख्य रूप से क्रूड ऑयल, LPG और LNG कैरियर) अभी भी फंसे हैं। भारत सरकार इनके लिए ईरान और अन्य पक्षों से सुरक्षित पासेज की मांग कर रही है। 

 ईरान की तरफ से क्या कहा गया? ईरान के भारत में राजदूत **मोहम्मद फतहाली** ने कन्फर्म किया कि ईरान ने कुछ भारतीय जहाजों को "रेयर एक्सेप्शन" के तौर पर पास करने की इजाजत दी है। उन्होंने कहा, "भारत और ईरान दोस्त हैं, हमने कुछ जहाजों को सुरक्षित ट्रांजिट दिया।" लेकिन उन्होंने ये साफ नहीं किया कि ये कोई "स्पेशल पास" पॉलिसी है या सिर्फ चुनिंदा मामलों में छूट।

 ईरान ने बार-बार कहा है कि वो अमेरिका और उसके सहयोगियों के जहाजों को नहीं छोड़ेगा, लेकिन भारत जैसे "फ्रेंडली" देशों के साथ अलग व्यवहार हो सकता है। फिर भी, कोई ऑफिशियल "भारत को फ्री पास" वाली लिस्ट जारी नहीं हुई। कुछ जहाज खुद को "चाइना क्रू" बताकर निकलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरानी सूत्रों ने ऐसी अफवाहों को खारिज किया है। 

गोदी मीडिया vs हकीकत: फर्जी जीत का जश्न कुछ चैनलों पर "स्पेशल पास" का ढोल पीटा जा रहा है 

– जैसे पूरा संकट खत्म हो गया। लेकिन: 

- कुल 28 में से सिर्फ 2-3 जहाज निकले हैं (शिवालिक, नंदा देवी, जग प्रकाश)। 

- बाकी 22+ जहाज और सैकड़ों नाविक अभी भी खतरे में हैं।

 - होर्मुज में ट्रैफिक लगभग जीरो है – हजारों जहाज एंकर पर खड़े हैं। 

- हाल के हमलों में थाईलैंड का जहाज जल गया, क्रू मेंबर मारे गए; कई जहाजों पर आग लगी, नाविकों की जान गई।

 - ईरान अभी भी ईंधन टैंकरों को टारगेट कर रहा है।

 ये "जीत" नहीं, बल्कि आंशिक राहत है। सरकार कूटनीति से (MEA, नेवी) काम कर रही है – भारतीय नेवी के युद्धपोत ओमान तट के पास निगरानी कर रहे हैं, ऑपरेशन संकल्प के तहत तैयार हैं। लेकिन कोई "फ्री पास" या "एक कॉल पर गेट खुल गया" जैसा चमत्कार नहीं हुआ। 

 नाविकों की मजबूरी और परिवारों का दर्द ये 778 नाविक सिर्फ नंबर नहीं – ये परिवारों के भाई, बेटे, पति हैं। जहाज पर रहना, हमलों का डर, अनिश्चितता – ये सब मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ देने वाला है। कुछ रिपोर्ट्स में नाविकों ने शिपिंग कंपनियों पर दबाव डालने की बात कही है, लेकिन सरकार ने उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

 महंगाई की मार तो पड़ रही है – LPG की कमी से सिलेंडर महंगे, तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। लेकिन मीडिया में "वाह रे मोदी-जयशंकर" का नैरेटिव चल रहा है, जबकि हकीकत में संकट बरकरार है। 
 

अफवाहों से ऊपर उठकर सच देखें होर्मुज का संकट अभी खत्म नहीं हुआ। हमारे नाविक अभी भी फंसे हैं, सरकार पूरी कोशिश कर रही है। "स्पेशल पास" की खबरें आंशिक सच्चाई पर आधारित हैं, लेकिन पूरी तस्वीर नहीं दिखातीं।

 ये हमारे नाविकों की जान का सवाल है। अफवाहें फैलाकर, फर्जी जश्न मनाकर हम उनके परिवारों के साथ अन्याय नहीं कर सकते। सच सामने रखें, सरकार पर दबाव बनाएं कि बाकी जहाजों को भी सुरक्षित निकालें। क्योंकि जब तक 778 नाविक घर नहीं लौटेंगे, तब तक कोई "बड़ी जीत" नहीं है। 

सच्चाई का आईना हमेशा कड़वा होता है, लेकिन यही हमें मजबूत बनाता है।

 Sajjadali Nayani ✍
 Friday World March 15, 2026