-Friday World 🌎 16 मार्च, 2026
मध्य पूर्व का आसमान अब युद्ध की आग से लाल हो चुका है। 16 मार्च 2026 को ईरान ने अपने सबसे उन्नत और भयानक हथियार 'सेज्जिल' (Sejjil) बैलिस्टिक मिसाइल का इस युद्ध में पहली बार इस्तेमाल किया है। इस मिसाइल को 'डांसिंग मिसाइल' के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह उड़ान के दौरान अचानक दिशा बदलकर दुश्मन की डिफेंस सिस्टम को चकमा दे देती है।
युद्ध की शुरुआत और नया मोड़ यह युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर आश्चर्यजनक हमले किए। तब से ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4' के तहत 54वीं वेव तक हमले कर चुके हैं। 15-16 मार्च की रात IRGC ने सेज्जिल मिसाइल का इस्तेमाल करके युद्ध को नई ऊंचाई दी। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह मिसाइल तेल अवीव के बीच में अमेरिकी कांसुलर रेसिडेंस के पास गिरी और इज़राइल के सैन्य ठिकानों तथा एयर डिफेंस को भारी नुकसान पहुंचाया।
सेज्जिल मिसाइल की असली ताकत और खासियतें सेज्जिल एक दो-स्टेज, सॉलिड-फ्यूल मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
रेंज: लगभग 2,000 से 2,500 किलोमीटर (पूरे इज़राइल और पश्चिम एशिया के कई देशों को निशाना बना सकती है)।
स्पीड: माक 12 से 14 (हाइपरसोनिक स्तर के करीब), जो इसे बेहद तेज और पकड़ना मुश्किल बनाती है।
फ्यूल टेक्नोलॉजी: सॉलिड-फ्यूल होने से लॉन्च में सिर्फ मिनट लगते हैं, दुश्मन को चेतावनी मिलने से पहले ही हमला कर देती है।
मिड-फ्लाइट मैन्यूवर: 'डांसिंग' क्षमता – हवा में अचानक दिशा बदलती है, जिससे आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग, एरो और THAAD जैसी एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम भी इसे पूरी तरह रोक नहीं पातीं।
पेलोड: 700 से 1,500 किलो तक विस्फोटक, क्लस्टर या अन्य वॉरहेड ले जा सकती है।
सटीकता: GPS और एडवांस्ड गाइडेंस से सिर्फ 10-50 मीटर के दायरे में टारगेट हिट करती है। इस मिसाइल का विकास 1990 के दशक में शुरू हुआ और पहला टेस्ट 2008 में हुआ था।
54वीं वेव में विनाशकारी हमले ईरान का दावा है कि सेज्जिल के अलावा खोरमशहर, खैबर शेकन, इमाद और कद्र जैसी अन्य मिसाइलों के छर्रे भी छोड़े गए। इन हमलों में तेल अवीव की ऊंची इमारतें, सैन्य बेस और एयरफोर्स स्टेशन निशाना बने। इज़राइल में धुंआ और आग की लपटें दिख रही हैं। अमेरिकी और इज़राइली स्रोत भी मानते हैं कि इन हमलों ने उनकी डिफेंस पर भारी दबाव डाला है। हालांकि, जून 2025 के 12-दिवसीय युद्ध में भी सेज्जिल का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन इस बार इसे 'पहली बार' के रूप में प्रमोट करके मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा रहा है।
वैश्विक असर और भविष्य की चिंता इस हमले के बाद वैश्विक बाजारों में प्रभाव दिखा। तेल के दामों में उछाल आया, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका और इज़राइल जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं, जबकि ईरान कह रहा है कि वह पीछे नहीं हटेगा। रूस और चीन ईरान के समर्थन में हैं, वहीं पश्चिमी देश इज़राइल के साथ खड़े हैं। यह युद्ध अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं रहा – यह वैश्विक सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। हजारों निर्दोष लोगों की जान पर असर पड़ रहा है और विनाश की यह आग कितनी दूर फैलेगी, यह कहना मुश्किल है।
ईरान के इस सेज्जिल हमले ने दुनिया को साफ संदेश दिया है – उनके पास अभी भी कई आश्चर्यजनक हथियार हैं और वे लड़ने को तैयार हैं। अब देखना यह है कि यह तीव्र संघर्ष किस मोड़ पर मुड़ेगा और शांति की कोई किरण कब दिखेगी?
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 🌎 16 मार्च, 2026