-Friday World March 19,2026
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला रहा है, और भारत जैसे ऊर्जा आयात-निर्भर देश पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष ने मार्च 2026 में भारतीय शेयर बाजार, रुपए की कीमत, तेल-गैस कीमतों और महंगाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। कतर के रास लफ्फान गैस फील्ड पर ईरान के हमलों ने LNG सप्लाई को ठप कर दिया, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह युद्ध भारतीय अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित कर रहा है।
1. भारतीय शेयर बाजार में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट
युद्ध शुरू होने के बाद से भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई है। मार्च 2026 में यह गिरावट सबसे तेज और व्यापक रही:
- Sensex और Nifty की भारी गिरावट: फरवरी 27, 2026 से Sensex लगभग 6,000-6,147 अंक गिर चुका है (लगभग 7.5% की गिरावट), जबकि Nifty 50 में 7-8% तक की गिरावट दर्ज की गई। एक हफ्ते में Nifty 5.3% और Sensex 5.5% गिरा, जो 2022 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।
- निवेशकों का नुकसान: बाजार पूंजीकरण में ₹30-34 लाख करोड़ तक की कमी आई है। कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा ₹11 लाख करोड़ से लेकर ₹31 लाख करोड़ तक बताया गया। 400 से ज्यादा स्टॉक्स में दोहरे अंकों (10%+) की गिरावट आई, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
कारण: वैश्विक अनिश्चितता, तेल कीमतों में उछाल (Brent crude $100+ प्रति बैरल), विदेशी निवेशकों का ₹52,000 करोड़+ का निकासी (FPI outflows), और रिस्क-ऑफ मूड। बैंकिंग, ऑटो, इंफ्रा, एविएशन जैसे सेक्टर सबसे ज्यादा गिरे, जबकि एनर्जी और डिफेंस सेक्टर में कुछ तेजी देखी गई।
- वैश्विक प्रभाव: अमेरिका और अन्य बाजारों में भी गिरावट आई, लेकिन भारत जैसे उभरते बाजारों पर ज्यादा असर पड़ा क्योंकि विदेशी पूंजी सुरक्षित जगहों (US डॉलर, गोल्ड) की ओर भागी।
यह गिरावट युद्ध की अनिश्चितता से जुड़ी है – अगर संघर्ष लंबा चला, तो और गिरावट संभव है, लेकिन अगर तनाव कम हुआ तो रिकवरी भी तेज हो सकती है।
2. रुपया डॉलर के सामने सबसे निचले स्तर पर
रुपए की कीमत में तेज गिरावट आई है, जो युद्ध का सीधा असर है:
- रिकॉर्ड लो स्तर: मार्च 2026 में USD/INR 93+ के स्तर पर पहुंच गया (कुछ दिनों में 92.5 से 93.3 तक), जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। पहले यह 90-91 के आसपास था, लेकिन युद्ध के बाद तेज गिरावट आई।
- कारण:
- विदेशी निवेशकों का पूंजी निकासी (कैपिटल फ्लाइट)।
- तेल-गैस आयात महंगा होने से करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ना।
- सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की मांग बढ़ना।
- असर:
- आयात महंगा होने से महंगाई बढ़ेगी (इंपोर्टेड इन्फ्लेशन)।
- हर 1% रुपया कमजोर होने से तेल आयात बिल में अरबों का बोझ बढ़ता है।
- RBI हस्तक्षेप कर रहा है, लेकिन लंबे समय तक दबाव बना रह सकता है।
3. महंगाई में बड़ा उछाल: रसोड़ा और अर्थव्यवस्था पर असर
युद्ध ने ऊर्जा कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया, जो भारत के लिए डबल झटका है:
- तेल कीमतें: Brent crude $100-110+ प्रति बैरल पर। ईरान के हमलों से Strait of Hormuz में तनाव बढ़ा, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। भारत तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, इसलिए हर $10 की बढ़ोतरी से CAD 0.5% बढ़ता है और महंगाई 0.35% तक बढ़ सकती है।
- LNG और गैस संकट: कतर के रास लफ्फान पर ईरान के मिसाइल/ड्रोन हमलों से उत्पादन ठप। कतर से भारत 45-47% LNG आयात करता है (12-13 मिलियन टन सालाना)। वैश्विक LNG कीमतें 30-50% उछलीं, जिससे भारत को महंगे स्पॉट मार्केट से गैस खरीदनी पड़ रही है।
- महंगाई का खतरा:
- LPG सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, बिजली, उर्वरक, ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे।
- घरेलू महंगाई (CPI) में 0.5-1%+ का इजाफा संभव।
- इंडस्ट्रीज (फर्टिलाइजर, सीमेंट, केमिकल) प्रभावित, उत्पादन कटौती और कीमतें बढ़ना।
- अगर युद्ध लंबा चला, तो रिसेशन का खतरा भी।
4. अन्य प्रभाव और चुनौतियां
- रेमिटेंस का जोखिम: गल्फ में 9 मिलियन भारतीय कामगार हैं, जो $50 बिलियन+ रेमिटेंस भेजते हैं। युद्ध से नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।
- ट्रेड और सप्लाई चेन: शिपिंग में 25% वॉर रिस्क सरचार्ज, देरी, महंगे फ्रेट।
- सरकार की चुनौतियां: ऊर्जा विविधीकरण (अमेरिका, रूस से ज्यादा आयात), स्टॉकपाइल बढ़ाना, रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस। फिलहाल कोई कमी नहीं, लेकिन लंबे संकट में महंगाई और ग्रोथ प्रभावित होगी।
यह युद्ध भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा, महंगाई नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता का बड़ा परीक्षण है। अगर तनाव जल्द थमा, तो रिकवरी संभव है, लेकिन अगर हॉर्मुज स्ट्रेट बंद रहा या हमले बढ़े, तो असर और गहरा होगा। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए – लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स मजबूत हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में अस्थिरता बनी रहेगी।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 19,2026