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Thursday, 19 March 2026

सोना-चांदी में लगातार छठे दिन भयंकर गिरावट! आज सोने में 1700 रुपये का भारी नुकसान, चांदी में 7300+ रुपये का धड़ाधड़ गिरावट

सोना-चांदी में लगातार छठे दिन भयंकर गिरावट! आज सोने में 1700 रुपये का भारी नुकसान, चांदी में 7300+ रुपये का धड़ाधड़ गिरावट
-Friday World March 19,2026 
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भी क्यों टूट रहे दाम? मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला रहा है, लेकिन काउंटर-इंट्यूटिव तरीके से कीमती धातुओं के बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। सोना और चांदी के भाव लगातार छठे दिन गिर रहे हैं, और आज (19 मार्च 2026) MCX पर सोने में करीब 1700-1725 रुपये का भारी गिरावट दर्ज हुई, जबकि चांदी में एक दिन में ही 7300 से ज्यादा रुपये का धड़ाधड़ गिरावट आया। यह स्थिति तब है जब क्रूड ऑयल के दाम 112 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गए हैं और रुपया डॉलर के सामने 93.13 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। 

यह गिरावट सुरक्षित निवेश (safe-haven) की धारणा को चुनौती दे रही है। आइए विस्तार से समझते हैं कि क्या हो रहा है और इसका भारत पर क्या असर पड़ रहा है। 

 सोने में लगातार गिरावट: MCX पर आज का हाल MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोने के जून वायदा अनुबंध में आज भारी बिकवाली देखी गई।

 - पिछला बंद भाव (Prev. Close): ₹1,53,025 प्रति 10 ग्राम

 - आज का ओपन: ₹1,51,941

 - दिन का उच्च स्तर (High): ₹1,52,449 - दिन का निचला स्तर (Low): ₹1,51,300 (कुछ रिपोर्ट्स में ₹1,51,429 तक)

 - वर्तमान भाव (समाचार लिखे जाने तक): ₹1,51,429 (लगभग 1.04% या 1,596-1,725 रुपये की गिरावट) 

यह छठा लगातार दिन है जब सोने के दाम टूट रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कॉमेक्स गोल्ड $4,700-$5,000 के आसपास दबाव में है, जहां से हाल के हफ्तों में 6-8% तक की गिरावट आई है। भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत अब ₹1,51,000-1,52,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई है, जो कुछ हफ्ते पहले के उच्च स्तरों से काफी नीचे है। 

चांदी में और भी भयंकर गिरावट: एक दिन में 7300+ का नुकसान चांदी सोने से ज्यादा प्रभावित हुई है, क्योंकि यह औद्योगिक धातु भी है। MCX पर चांदी के मई वायदा में आज बड़ा धक्का लगा:

 - पिछला बंद भाव: ₹2,48,194 प्रति किलो 

- आज का ओपन: ₹2,45,000

 - दिन का उच्च: ₹2,45,674

 - दिन का निचला: ₹2,40,854 

- वर्तमान भाव: ₹2,41,500 (लगभग 2.70% या 6,694-7,340 रुपये की गिरावट) 

चांदी में यह गिरावट सोने से दोगुनी तेज है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर $71-$78 प्रति औंस के आसपास दबाव में है। औद्योगिक मांग (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) में संभावित सुस्ती और मजबूत डॉलर ने चांदी को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। 

गिरावट के मुख्य कारण: युद्ध के बावजूद क्यों टूट रहे दाम? आमतौर पर युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव में सोना-चांदी सुरक्षित निवेश के रूप में चढ़ते हैं, लेकिन इस बार उलटा हो रहा है। मुख्य कारण: 

1. मजबूत अमेरिकी डॉलर (Dollar Strength)  USD इंडेक्स 100 के ऊपर स्थिर है। मजबूत डॉलर से डॉलर-मूल्य वाली कीमती धातुएं महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग घटती है। रुपया भी 93.13 पर रिकॉर्ड लो पर है, लेकिन डॉलर की ताकत ने दबाव बढ़ाया। 

2. उच्च क्रूड ऑयल कीमतें और इन्फ्लेशन का डर: ब्रेंट क्रूड $112+ और WTI $96+ पर है। उच्च ऊर्जा कीमतें इन्फ्लेशन बढ़ाती हैं, जिससे फेड और अन्य सेंट्रल बैंक ब्याज दरें काटने की बजाय टाइट पॉलिसी पर विचार कर सकते हैं। उच्च ब्याज दरें नॉन-यील्डिंग एसेट्स (सोना) के लिए नुकसानदायक हैं। 

3. प्रॉफिट बुकिंग और लिक्विडेशन: हाल के महीनों में सोना-चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे थे। युद्ध की शुरुआत में सुरक्षित मांग से तेजी आई, लेकिन अब प्रॉफिट बुकिंग और मजबूर बिकवाली (margin calls) से गिरावट तेज हुई। ETF से गोल्ड आउटफ्लो भी देखा गया। 

4. वैश्विक रिस्क-ऑफ से अलग ट्रेंड: युद्ध से ऊर्जा संकट बढ़ा, लेकिन बाजार अब री-इन्फ्लेशनरी प्रेशर देख रहा है, जो ब्याज दरों को ऊंचा रख सकता है। इससे सोने की अपील कम हुई। 

 भारत पर असर: महंगाई और अर्थव्यवस्था पर दोहरा झटका

 - रुपया कमजोर: 93.13 पर पहुंचकर आयात महंगा, महंगाई बढ़ेगी। 

- तेल महंगा: क्रूड $112+ से पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट, उर्वरक महंगे। 

- सोना-चांदी सस्ता: ज्वेलरी, निवेश के लिए अच्छा समय, लेकिन गिरावट से निवेशकों का नुकसान। 

- कुल मिलाकर: ऊर्जा संकट से महंगाई, लेकिन कीमती धातुओं में गिरावट से कुछ राहत। लंबे समय में अगर युद्ध चला तो सोना फिर चढ़ सकता है। 

आगे क्या? विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डिप्लोमेसी कामयाब हुई और तनाव कम हुआ, तो 3-8% और गिरावट संभव। लेकिन अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ या युद्ध बढ़ा, तो सुरक्षित मांग से सोना-चांदी फिर रिकॉर्ड बना सकते हैं। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। 

यह घटना याद दिलाती है कि कीमती धातुओं का बाजार कितना जटिल और वैश्विक कारकों से जुड़ा है। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए – गिरावट में खरीदारी का मौका, लेकिन जोखिम भी ज्यादा।

 Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World March 19,2026